in Hindi Poetry

आग जलनी चाहिए

दुनिया से ना मांग तू हर कदम इज़ाज़त
हर ठोकर पर ना ढून्ढ सहारे की चौखट
शर्त यह है कि सीने में आग जलनी चाहिए
झुकती है दुनिया बस झुकाने वाला चाहिए

The mind is not a vessel to be filled but a fire to be kindled. - Plutarch

The mind is not a vessel to be filled but a fire to be kindled. – Plutarch

दोस्तों से ना मांग दोस्ती का सूद
यारी से ना पूछ उसकी ऊचाई का सबूत
शर्त यह है कि सीने में आग जलनी चाहिए
निभता है याराना निभाने वाला चाहिए

ज़माने में ना ढून्ढ तू अपने हसने का कारण
मन ना भी हो तो तू हसना सीख जबरन
शर्त यह है कि सीने में आग जलनी चाहिए
हस्ता है पत्थर बस हँसाने वाला चाहिए

घर सुन्दर सजाना हो तो नहीं लगता पैसा
दिल की दूरिया हो कम तो कुछ नहीं उस जैसा
शर्त यह है कि सीने में आग जलनी चाहिए
बनता है आशियाना बस बनाने वाला चाहिए

काम है तेरा कठिन ना कर तू यह शिकायत
उसी काम से करना सीख तू मोहब्बत
शर्त यह है कि सीने में आग जलनी चाहिए
पिघलता है पर्वत बस पिघलाने वाला चाहिए

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Comment

  1. Very nice and so true…we are the creator of our own world…how beautiful it is depends totally on our will power..So live and enjoy the beauty u created around urself 🙂